- मथुरा में घुमने की जगह
- मथुरा यात्रा
- मथुरा कैसे पहुचे
- मथुरा दर्शन करने का सबसे अच्छा समय
- मथुरा में कहा रुके
- मथुरा के मंदिर और मथुरा के दर्शंलिये स्थल
मथुरा में घूमने की जगह ?
राधे राधे जय श्री कृष्णा
मथुरा वृंदावन भारत की नहीं अपितु संपूर्ण विश्व के लोगों की और आकर्षित करता है जगतगुरु भगवान श्री कृष्णा ने अपने बचपन और युवावस्था के दिन मथुरा वृंदावन के पावन धरती पर बिताए थे भगवान कृष्ण की लीलाएं यहां के मंदिरों में यहां की हवाओं में यहां के कण-कण में बसी है यहां के भजन कला और संस्कृति देश की अमूल्य धरोहर है अब हम चलते हैं मथुरा वृंदावन के प्रसिद्ध स्थलों की यात्रा पर
मथुरा यात्रा ?
उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा का हर आकर्षण किसी न किसी माध्यम से भगवान कृष्ण से जुड़ा है हमारे इस महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान स्थान पर भगवान कृष्ण और राधा को समर्पित कहीं मंदिर है यमुना नदी के किनारे बसा मथुरा भारत के अत्याधिक स्थल के साथ भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है माना जाता है समूचे विश्व में कई लोग शांति और ज्ञान की प्राप्त करने के यहां आश्रम में मंदिर में रुख करते हैं
मथुरा कैसे पहुंचे ?
दिल्ली से लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित मथुरा आप विभिन्न साधनों से पहुंच सकते हैं
फ्लाइट से मथुरा कैसे पहुंचे ?
> मथुरा में कोई एयरपोर्ट उपलब्ध नहीं है मथुरा का निकटतम एयरपोर्ट आगरा में है आगरा से मथुरा की दूरी करीब 61 किलोमीटर है आगरा में बहुत कम फ्लाइट संचालित होती है इसलिए दूसरा विकल्प दिल्ली में स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है यहां आपको भारत या विदेशों से आसानी से फ्लाइट उपलब्ध हो जाएगी इसके बाद आप दिल्ली से मथुरा बस टैक्सी या ट्रेन की मदद से आ सकते हैं
> मथुरा जंक्शन पश्चिम उत्तर और दक्षिण भारत में अच्छी तरह से जुड़ा है भारत की जातक ट्रेनें मथुरा रेलवे स्टेशन जंक्शन से रूकती है इसके अलावा मथुरा कैंट और भूतेश्वर रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन है मथुरा रेलवे जंक्शन में ही उतरना है रेलवे स्टेशन से मंदिर तक पहुंचने के लिए टैक्सी ऑटो रिक्शा या बस शांति से उपलब्ध है
मथुरा दर्शन करने का सबसे अच्छा समय ?
मथुरा दर्शन करने के लिए आप साल में किसी भी समय आ सकते क्योंकि भगवान श्री कृष्ण के दर्शन के लिए हर समय अच्छा होता है मौसम के अनुसार मथुरा घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च के महीनों में वातावरण अच्छा होता है इन दिनों में मथुरा का मौसम सुहावना होता है यदि आप उत्सव का आनंद लेना चाहते हैं तो होली के समय जन्माष्टमी के समय या राधा अष्टमी के समय आए उस से मनाया जाता है इस उत्सव में सम्मिलित होने का एक सुखद और धार्मिक है एहसास होता है जिससे मन प्रसन्न हो जाता है
मथुरा में कहां रुके ?
मथुरा में रुकने की जगह - श्री कृष्णा जन्म स्थान के पास ही श्री कृष्ण जन्म मंदिर समिति का विश्राम गृह कहीं होटल और धर्मशालाएं बनी है धर्मशाला में 200 से ₹500 तक कमरे मिल जाते हैं और प्राइवेट होटल में भी 500 से 5000 तक एसी और नॉन एसी कमरे मिल जाते हैं
मथुरा के प्रसिद्ध मंदिर और मथुरा के दर्शनीय स्थल ?
श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर ~ मथुरा का प्रमुख मंदिर है जो देखने में बहुत भव्य और भारतीय वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है इसी दिव्य मंदिर पर बनी जेल की कोठरी में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था श्री कृष्णा जन्म स्थली के प्रमुख द्वारपाल की की मूर्तियां बनी है द्वार के ऊपर भगवान श्री कृष्ण अर्जुन के रथ पर सारथी बने दिखाई देते हैं लाइन में लगने के बाद बहुत कड़ी सुरक्षा से गुजर कर हमें अंदर जाना होता है यह मंदिर तीन भागों में बांटा है गर्भ ग्रह केशव देव मंदिर और भगवत भवन जिन स्थानों पर भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ वह स्थान गर्भ गृह में स्थित है यहां खुदाई में मिले 1500 वर्ष पुराने सिंहासन को सुरक्षित रखा गया है औरंगजेब ने मंदिर को तोड़कर ईदगाह बनवाई थी तब कब गिरे ईदगाह के नीचे दब गया था
कृष्ण जन्म भूमि खुलने का समय ?
> अप्रैल से नवंबर सुबह 5:00 से 12:00 और शाम 4:00 से रात के 9:30 बजे तक
> नवंबर से अप्रैल सुबह 5:30 से 12:00 बजे और दोपहर 3:00 से रात 8:30 बजे तक
पोतरा कुंड ?
श्री कृष्ण जन्मस्थान के पास विशाल और पवित्र पोतरा कुंड स्थित है माता देवकी ने भगवान श्री कष्ण का जन्म होने के बाद उनके वस्त्र कुंड में धोए थे इसलिए उनको पोतरा कुंड कहा जाता है इस्कूल में पानी अंदरूनी सड़कों से भरा रहा है - कृष्ण भक्त जन्म स्थान मंदिर का दर्शन करने के बाद यहां भी दर्शन करने आते हैं
द्वारकाधीश मंदिर ?
मथुरा के सबसे प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक द्वारकाधीश मंदिर है 1814 में सेठ गोकुलदास पारीक ने बनवाया था यह मंदिर यमुना नदी के किनारे विश्राम घाट पर समीप स्थित है इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के द्वारकाधीश स्वरूप के दर्शन करते ही मन भक्ति भाव जाग उठता है
श्री द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन का समय
6:30AM to 10:30 AM
4:00PM to 7:00PM
विश्राम घाट ?
मथुरा के आकर्षक स्थलों से स्थलों में एक विश्राम घाट द्वारकाधीश मंदिर से 30 मीटर की दूरी पर स्थित है मथुरा के 25 घाटों में एक प्रमुख घाट है भगवान श्री कृष्ण ने अपने मामा कंस का वध करने के बाद इसी घाट पर विश्राम किया था इसलिए इसे विश्राम घाट कहते हैं इस घाट पर यमुना जी का अति सुंदर मंदिर स्थित है यहां पर सुबह और शाम के समय यमुना जी की भव्य आरती का आध्यात्मिक का लिए भक्तों की भारी भीड़ उपस्थित होती है
शक्तिपीठ मां चामुंडा देवी मंदिर ?
मथुरा वृंदावन मार्ग पर स्थित मां चामुंडा देवी मंदिर देवी सती क्या 1 शक्तिपीठों में से एक है इस स्थान पर देवी सती के केस गिरे थे भगवान श्री कृष्ण ने कालिया नाग को मुक्ति देने के बाद यहीं पर माता चामुंडा के दर्शन किए थे मां चामुंडा नंद बाबा की कुलदेवी थी सरस्वती कुंड में भगवान श्री कृष्ण का मुंडन कराने के बाद उन्होंने यही यहां पर माता चामुंडा की पूजा की थी इस मंदिर में स्थित मां चामुंडा की प्रतिमा स्थापित नहीं की गई बल्कि स्वयं उत्पन्न हुई
कंस का किला ?
भगवान कृष्ण के मामा का राक्षस कंस का महल यह में नदी के तट पर स्थित है इसके लिए में देखने लायक बाहर स्थित पुराना दर्ज दर्शक कक्ष है इस कक्ष में लाल बलुआ पत्थरों में बने कई विशाल स्तंभ है यह खंडहर हो चुका है किला अभी भी इसकी पूर्व भव्यता को दर्शाता है प्राचीन समय में इस किले का उपयोग बाढ़ से बचने के लिए किया जाता था
मथुरा के प्रसिद्ध स्थानीय भोजन ?
मथुरा अपने मिठाइयों और दूध से बने व्यंजनों के लिए भी प्रसिद्ध है यहां के पेड़े विश्व प्रसिद्ध है इसके अलावा यहां की लस्सी लक्ष्य दार खड़ी राजभोग और अन्य मिठाई का स्वाद आप जीवन में भूल नहीं पाएंगे यहां के लाजवाब चटपटे व्यंजनों में आप की कचोरी जलेबी पानीपुरी समोसा चाट आलू की टिक्की वाले ना जरूर अनुभव कीजिएगा
मथुरा में शॉपिंग ?
मथुरा में जाकर पूजा और प्रार्थना में संबंधित वस्तुओं में किस में मिलेगी आपको यहां मोती का माला पीतल की मूर्तियां और पूजा के लिए बर्तन पसंद आएंगे इस वास्तव में आप का घर और मंदिर अधिक सुंदर बन जाएगा और मथुरा की याद भी बन जाएगी आप मथुरा में इनके अलावा देवी देवताओं के मंदिर स्थित बनी प्रतिमाएं भी खरीद सकते हैं
और इसी सब के साथ आप मथुरा दर्शन कर सकते हैं मैं आशा करता हूं कि आपको यह ब्लॉक पसंद आया होगा अगर अच्छा लगा होगा तो इसको शेयर करें एक बार कमेंट में राधे राधे जय श्री कृष्णा जरूर लिखें
धन्यवाद