केदारनाथ यात्रा 2023 की तैयारी कैसे करें | केदारधाम कैसे जाएं ? केदार धाम यात्रा की पूर्ण जानकारी

नमस्कार दोस्तों मैं निरंजन आज आपको उत्तराखंड राज्य के रूद्र प्रताप जिले में स्थित केदारनाथ के नाम से आप लोग जरूर वाकिफ होंगे दोस्तों केदारनाथ यात्रा की जाने की आप भी अगर प्लान बना रहे हैं तो यह लेख आपके जरूर काम आएगा



आज के इस लेख में हम जानेंगे केदारनाथ कैसे पहुंचे केदारनाथ की यात्रा कैसे करें कहां पर रुकना है कब जाए और साथ में केदारनाथ जाने का खर्चा कितना होगा इन सभी प्रश्नों का जवाब इस ब्लॉग में आपको मिलेगा तो मैं अनुरोध करता हूं कि आप इस ब्लॉग को अंत तक पढ़े

और साथ ही साथ अगर आप पैदल यात्रा नहीं करना चाहते तो हेलीकॉप्टर से यात्रा की जानकारी और खर्चा क्या होगा टाइमिंग क्या होगी और कहां से मिलेगा यह सभी बातें बताई जाएंगी 

जानकारी 

  1. केदारनाथ कैसे पहुंचे 
  2. केदारनाथ में रुकने की जगह 
  3. केदेनाथ कब जाये 
  4. केदेनाथ जाने का खर्चा कितना आएगा 
  5. केदारनाथ यात्रा की टिकेट कैसे बुक करे 
  6. केदारनाथ में घुमने की जगह 
  7. केदारनाथ यात्रा कितने दिन की होती है 

केदारनाथ कैसे पहुंचे ?

केदार धाम तक पहुंचने के लिए भारत के मुख्य तीन यातायात सुविधाओं के द्वारा पहुंचा जा सकता है जैसे ट्रेन हवाई जहाज और बस

रेलगाड़ी ?

अगर आप प्रेम से केदारनाथ दर्शन के लिए जा रहे हैं तो आपके पास तीन विकल्प है हरिद्वार ऋषिकेश और देहरादून रेलवे स्टेशन यदि आप ऋषिकेश रेलवे स्टेशन तक आते हैं तो यहां से केदारनाथ की यात्रा 30 किलोमीटर की दूरी कम पड़ेगी

ट्रेन के द्वारा केदारनाथ यात्रा का सफर इतना ही संभव है बाकी का रास्ता सोनप्रयाग तक आपको बस या टैक्सी का द्वारा करना पड़ेगा बस का समय सुबह 5:00 बजे से लेकर शाम के 8:00 बजे रात तक

हवाई जहाज ?

यदि आप हवाई जहाज का सफर करके केदारनाथ मंदिर तक पहुंचना चाहे तो इसके सबसे नजदीक एयरपोर्ट देहरादून जौली ग्रांट है जिस भी शहर या राज्य से देहरादून के लिए फ्लाइट उपलब्ध हो आप देहरादून आ सकते हैं अन्यथा दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचकर देहरादून वाली जाली ग्रांट जा सकते हैं 
एयरपोर्ट के बाहर बस का समय सुबह 5:00 से रात के 8:00 बजे तक

देहरादून से सुन पिया तक की दूरी 250 किलोमीटर ऋषिकेश से सोनप्रयाग की दूरी 210 किलोमीटर हरिद्वार से सोनप्रयाग तक का सफर 231 किलोमीटर

दोस्तों जब आप सोनप्रयाग पहुंच जाए या पहुंचने में रात हो जाए यदि कहूं कि आप रुका आराम करना चाहते हैं क्योंकि 8 घंटे का सफर काफी ज्यादा दुर्लभ होता है उस केस में सोनप्रयाग रुकना चाहे तो बिल्कुल ठहर सकते हैं उसके लिए बहुत सारे होटल या रिसोर्ट उपलब्ध है जो कि 800 से ₹1000 में रूम मिल जाएंगे

सोनप्रयाग से गौरी कुंड ?

गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर की दूरी 16 किलोमीटर है जिसे तय करने के लिए आपके पास तीन विकल्प है 
घोड़े खच्चर पीठ पर बैठकर और पैदल यात्रा


> यदि आप घोड़े खच्चर के द्वारा गौरीकुंड से केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंचना चाहे तो इसका एक बार का जो चार्ज होता है वह मिनिमम 2000 से लेकर 3000 के बीच में होता है

> गौरीकुंड से पीठ पर बैठकर मंदिर लकी 16 किलोमीटर की लंबी दूरी को तय करते थे जिसका किराया एक बार में ₹7000 होता है

> तीसरा जो है वह बिल्कुल फ्री है पैदल यात्रा करके मन लग पहुंच सकते हैं आपके स्टैमिना यह आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आप में कितनी श्रद्धा है और कितने मन से आप केदारनाथ धाम की यात्रा करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं इसमें आपका समय टोटल 6 से 7 घंटे लगेंगे

हेलीकॉप्टर के द्वारा केदारनाथ मंदिर तक कैसे पहुंचे ?

यदि आपको स्वस्थ प्रॉब्लम है या चलने में कोई प्रॉब्लम है तो आप हेलीकॉप्टर करना चाहते हैं तब आपको सोनप्रयाग जाने की जरूरत नहीं है इसके 15 किलोमीटर पहले ही इस जगह पड़ेगी जिसे फाटा के नाम से जाना जाता है फाटा में उतर के हेलीकॉप्टर का टिकट ले लीजिए जिस का किराया आने और जाने का ₹6000 होता है 


केदारनाथ में रुकने की जगह ?

केदारनाथ की पैदल यात्रा के दौरान मंदिर से ठीक 1 किलोमीटर पहले ही पड़ेगा बेसकैंप यहां ठहरने और खाने-पीने की उत्तम व्यवस्था होती है इसका टिकट बुक करने के लिए आपको ऑनलाइन GMVN की वेबसाइट से कर सकते हैं जो कि गढ़वाल मंडल की सरकारी वेबसाइट है 

~ यहां रुकने की 3 तरह की व्यवस्था है जो इस प्रकार है
1 - CAMP - एक कैंप में 10 बेड होते हैं जिसका चार्ज ₹300 प्रति व्यक्ति होता है रात भर रुकने के लिए

2 - HUT - यहां पर भी टेंट की जैसे हर्ट होते हैं 10 बिस्तर होते हैं जिस का किराया ₹750 लिया जाता है

3 - HUT HOUSE - यहां पर एक हाउस में 6 बिस्तर होते हैं जिसे किराया ₹950 प्रति व्यक्ति लिया जाता है यह आपके रूम की तरह ही होता है

खाने की व्यवस्था ?

तुझको बेस कैंप में जो खाने का लंच और डिनर का चार्ज है वह ₹200 थाली के हिसाब से लिया जाता है अगर आप सुबह नाश्ता करते हैं तो ₹100 लगता है लेकिन खाना बहुत स्वादिष्ट होता है

केदारनाथ कब जाए ??

केदारनाथ धाम की जो यात्रा होती है वह साल में 6 से 7 महीने के लिए ही कपाट खोला जाता है जो कि हर वर्ष अप्रैल में खोला जाता है और अक्टूबर या नवंबर के कार्तिक पूर्णिमा के दिन केदारनाथ मंदिर कपाट बंद कर दिया जाता है

> अप्रैल माह से अक्टूबर नवंबर के बीच का जो समय है वह बेस्ट टाइम है यहां जाने का सितंबर से अक्टूबर के बीच का सीजन केदारनाथ यात्रा जाने का पिक टाइम नहीं होता जिसकी वजह से इस सीजन के थोड़े बजट भी काम आएगी और ज्यादा भीड़ भी नहीं रहेगी तो इसकी वजह से रहने खाने की उत्तम व्यवस्था मिल जाती है
> दोस्तों अगर हम मई और जून की बात करें तो गर्मियों की छुट्टी से के वजह से केदारनाथ धाम में दर्शन होती की भीड़ बहुत होती है
> जुलाई-अगस्त में बारिश की वजह से यात्रा के दौरान कभी वर्षा होने लगती है जिसके वजह से या यात्रा में उतना आनंद नहीं आ पाएगा इसलिए आपका बेस्ट टाइम केदारनाथ जाने का सितंबर व अक्टूबर का होता है

केदारनाथ जाने का खर्चा कितना आएगा ?

1st > अगर आप गौरीकुंड से केदारनाथ में टंकी तक दूरी तय करते हैं तो आपको 1 दिन में बेस कैंप में रुकने और खाने के साथ ₹3000 लग जाएंगे यदि आप ऑफ सीजन में आते हैं तब आना था इसका डबल लगेगा |

2nd > अगर आप घोड़े खच्चर के द्वारा गौरीकुंड से मऊ तक की दूरी तय करते हैं तो यही खर्च ₹7000 पहुंच जाएगा

3rd > अगर हेलीकॉप्टर की बात करें तो अनुमान ₹10000 प्रति व्यक्ति का जा सकता है

केदारनाथ यात्रा की टिकट बुक कैसे करें ?


दोस्तों केदारनाथ का जो ट्रस्ट है जिसको कहा जाता है गढ़वाल मंडल विकास निगम जिसको हम GMVN के नाम से जानते हैं इस वेबसाइट पर जाकर भी अब टिकट बुकिंग करा सकते हैं यदि आप चाहें तो थर्ड पार्टी ऐप के द्वारा भी टिकट बुक करा सकते हैं

केदारनाथ में घूमने की जगह ?
1 केदारनाथ मंदिर - यह वह मंदिर जहां भोलेनाथ जी ने पांडवों के सगे संबंधियों को मारने के बाद उनके द्वारा किए गए पापों से मुक्ति के रास्ते बताए थे और उन्हें क्षमा किया था

2 गौरीकुंड - केदारनाथ दर्शन के पहले ही रास्ते में गौरीकड मंदिर पड़ता है जहां देवी पार्वती जी के दर्शन के लिए श्रद्धालु जाते हैं फिर यहां से अपने अगले पड़ाव के तरफ केदारनाथ दर्शन के लिए निकलते हैं

3 भैरव मंदिर - केदारनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद चाहे तो भैरव नाथ के दर्शन के लिए जा सकते हैं इसकी दूरी केदारनाथ मंदिर से महज आधा किलो मीटर है जहां भैरवनाथ की सुंदर प्रतिमा स्थापित है

4 वासुकी ताल - यहां की जो प्राकृतिक सुंदरता है वह देखने बनती है यहां सरोवर पहाड़ों की चोटी पर निर्मित एक प्राथमिक भी रह जहां वादियों का दीदार कर सकते हैं केदारनाथ मंदिर से वासुकी ताल की दूरी महज 6 किलोमीटर है

5 गांधी सरोवर - केदारनाथ मंदिर से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है इस पहाड़ी सरोवर में केदारनाथ दर्शन के बाद घूमने जा सकते हैं

केदारनाथ यात्रा कितने दिन की होती है ?

दोस्तों केदारनाथ यात्रा पर जाने के लिए कम आपके पास कम से कम 4 दिन का समय होना चाहिए 2 दिन जाने के लिए और 2 दिन लौटने के लिए जहां से भी आप आ रहे हैं उस सफ़र के समय को हम अकाउंट नहीं कर रहे हम केवल हरिद्वार से केदारनाथ की तक की यात्रा और दर्शन करने के बाद वापस लौटकर हरिद्वार रेलवे स्टेशन तक आने के लिए 4 दिनों का समय लगेगा


मैं उम्मीद करता हूं कि आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी अगर अच्छी लगी होगी तो हमारे ब्लॉग को फॉलो करें और शेयर करें धन्यवाद हर हर महादेव जय केदारनाथ

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